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मुक्ति है श्राद्ध ज़रूरी तर्पण कैसा अगाध रोटी पितरों पूर्वजों लाचार बेबस सवाल उद्धार आशीर्वाद संपत्ति पुरखें यह परिवार श्रद्धा जिंदगी

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